रांची | विशेष रिपोर्ट
झारखंड में राशन वितरण प्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी और आधुनिक बनाने के लिए राज्य सरकार बड़ा कदम उठाने जा रही है। चालू वित्तीय वर्ष में सरकार ने स्मार्ट PDS (जन वितरण प्रणाली) लागू करने का फैसला लिया है, जिसके तहत तकनीक के जरिए राशन वितरण की पूरी प्रक्रिया डिजिटल की जाएगी।
इस योजना पर सरकार लगभग 1.04 करोड़ रुपये खर्च करने जा रही है। माना जा रहा है कि इस नई व्यवस्था से राशन वितरण में हो रहे फर्जीवाड़े और अनियमितताओं पर प्रभावी रोक लगेगी।
🧾 क्या है स्मार्ट PDS व्यवस्था?
स्मार्ट PDS एक ऐसी आधुनिक प्रणाली है जिसमें राशन वितरण से लेकर निगरानी तक पूरी प्रक्रिया डिजिटल तकनीक से संचालित होगी।
इसके तहत:
- स्मार्ट राशन कार्ड
- आधार आधारित बायोमैट्रिक सत्यापन
- ई-पास मशीन
- डिजिटल ट्रैकिंग सिस्टम
का इस्तेमाल किया जाएगा।
सरकार का लक्ष्य है कि हर पात्र लाभार्थी को समय पर और सही मात्रा में खाद्यान्न मिल सके।
💰 इस योजना पर कितना खर्च होगा?
राज्य सरकार ने चालू वित्तीय वर्ष में स्मार्ट PDS व्यवस्था को लागू करने के लिए 1.04 करोड़ रुपये खर्च करने का प्रस्ताव पास कर दिया है।

यह राशि मुख्य रूप से इन कार्यों पर खर्च की जाएगी:
- नई डिजिटल मशीनें और सॉफ्टवेयर
- राशन दुकानों का तकनीकी अपग्रेड
- निगरानी और नियंत्रण प्रणाली
- डेटा प्रबंधन और सत्यापन
🔍 कैसे रुकेगा राशन में फर्जीवाड़ा?
झारखंड में पहले से ही आधार आधारित बायोमैट्रिक सिस्टम लागू है, लेकिन स्मार्ट PDS के आने के बाद निगरानी और भी सख्त हो जाएगी।
नई व्यवस्था में:
- एक व्यक्ति के कई राशन कार्ड की पहचान तुरंत होगी
- अपात्र लाभार्थियों को सूची से हटाया जाएगा
- राशन की चोरी और लीकेज कम होगी
- वितरण की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन रिकॉर्ड होगी
इससे सरकार को वास्तविक लाभार्थियों की सही पहचान करने में मदद मिलेगी।
📍 कहीं से भी मिलेगा राशन
स्मार्ट PDS लागू होने के बाद पात्र लाभार्थी देश में किसी भी स्थान से अपने राशन का लाभ उठा सकेंगे।
इस सुविधा को “वन नेशन, वन राशन कार्ड” योजना के तहत और मजबूत किया जा रहा है। यानी अगर कोई व्यक्ति दूसरे जिले या राज्य में काम करता है, तो वह वहां से भी अपना राशन ले सकता है।
📡 कंट्रोल और कमांड सेंटर से होगी निगरानी
सरकार खाद्यान्न के परिवहन और वितरण की निगरानी के लिए आधुनिक कंट्रोल और कमांड सेंटर का उपयोग कर रही है।
इससे:
- राशन ट्रक की लोकेशन ट्रैक होगी
- वितरण की स्थिति तुरंत पता चलेगी
- किसी भी गड़बड़ी पर तुरंत कार्रवाई हो सकेगी
📌 ताजा अपडेट (Follow-Up)
सूत्रों के अनुसार, राज्य के अधिकांश जिलों में स्मार्ट PDS सिस्टम को लागू करने की तैयारी तेज हो गई है।
आने वाले महीनों में:
- नई ई-पास मशीनों की स्थापना
- राशन दुकानदारों का प्रशिक्षण
- लाभार्थियों का डेटा अपडेट
जैसे काम तेजी से किए जाएंगे।
सरकार का लक्ष्य है कि वित्तीय वर्ष के अंत तक राज्य की अधिकांश राशन दुकानों को स्मार्ट PDS से जोड़ दिया जाए।
🎯 आम लोगों को क्या फायदा होगा?
नई स्मार्ट PDS व्यवस्था लागू होने से:
✔ सही लाभार्थियों को समय पर राशन मिलेगा
✔ राशन की चोरी और गड़बड़ी कम होगी
✔ लंबी लाइन और विवाद कम होंगे
✔ पारदर्शिता और भरोसा बढ़ेगा
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