झारखंड में सरकारी खजाने से जुड़े एक बड़े घोटाले का खुलासा होने के बाद प्रशासनिक तंत्र में हड़कंप मच गया है। Jharkhand Salary Scam मामले में राज्य के 14 कोषागारों में सेंधमारी कर फर्जी तरीके से दोहरा वेतन निकालने का मामला सामने आया है। प्रारंभिक जांच में 614 शिक्षक और फोर्थ ग्रेड कर्मचारियों के नाम सामने आए हैं, जिन पर नियमों का उल्लंघन कर वेतन लेने का आरोप है।
यह मामला सामने आने के बाद सरकार और जांच एजेंसियां सतर्क हो गई हैं और पूरे राज्य में वित्तीय लेन-देन की गहन जांच शुरू कर दी गई है।
💰 करोड़ों रुपये की अवैध निकासी का खुलासा
जांच रिपोर्ट के अनुसार अलग-अलग जिलों के कोषागारों से करोड़ों रुपये की अवैध निकासी की पुष्टि हुई है।
बताया जा रहा है कि इस पूरे मामले में:
- 7.67 करोड़ रुपये की राशि एक विभागीय स्तर पर संदिग्ध पाई गई
- कुल मिलाकर लगभग 31.47 करोड़ रुपये की अवैध निकासी की पुष्टि की गई है
- 200 से अधिक पुलिसकर्मियों और कर्मचारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में आई है
इस खुलासे के बाद वित्त विभाग और निगरानी एजेंसियों ने पूरे मामले की फाइलें खंगालनी शुरू कर दी हैं।
🧾 कैसे हुआ दोहरा वेतन निकालने का खेल?
सूत्रों के अनुसार इस घोटाले में कर्मचारियों के नाम अलग-अलग जिलों के कोषागारों में दर्ज कर दिए गए थे।
इसके बाद एक ही कर्मचारी के नाम से दो स्थानों से वेतन निकाला जाता रहा। यह प्रक्रिया लंबे समय तक चलती रही और सिस्टम की निगरानी में कमी के कारण मामला समय रहते सामने नहीं आ सका।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह एक संगठित नेटवर्क का काम हो सकता है, जिसमें कई स्तर के लोग शामिल हो सकते हैं।
👮 पुलिस और प्रशासन की संयुक्त कार्रवाई
इस मामले में झारखंड पुलिस और वित्त विभाग की संयुक्त टीम जांच में जुटी है। सूत्रों के अनुसार बोकारो, हजारीबाग और चाईबासा समेत कई जिलों में छापेमारी की गई है।
जांच एजेंसियों ने कुछ संदिग्ध कर्मचारियों से पूछताछ भी शुरू कर दी है।
⚖️ चार लोगों की गिरफ्तारी, जांच तेज
इस मामले में अब तक चार लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें एक होमगार्ड और एक पुलिस सिपाही भी शामिल बताया जा रहा है।
गिरफ्तारी के बाद जांच एजेंसियों को कई अहम दस्तावेज और डिजिटल रिकॉर्ड मिले हैं, जिनसे पूरे नेटवर्क का खुलासा होने की संभावना है।
📊 सिस्टम की खामियों पर उठे सवाल
यह मामला सामने आने के बाद सरकारी वित्तीय सिस्टम की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि समय-समय पर ऑडिट और निगरानी नहीं की गई, तो ऐसे घोटाले दोबारा भी हो सकते हैं। सरकार अब डिजिटल सिस्टम को और सुरक्षित बनाने के लिए नई तकनीक लागू करने पर विचार कर रही है।
🔎 Latest Follow-up (अपडेट)
ताजा जानकारी के अनुसार राज्य स्तर पर एक विशेष जांच टीम (SIT) गठित करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
इसके अलावा सभी जिलों के कोषागारों को निर्देश दिया गया है कि वे पिछले पांच वर्षों के वेतन भुगतान रिकॉर्ड की समीक्षा करें। यदि किसी भी कर्मचारी की भूमिका संदिग्ध पाई जाती है, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
📢 JharkhandBuzz Investigation Update
Jharkhand Salary Scam को राज्य के सबसे बड़े वित्तीय मामलों में से एक माना जा रहा है। जांच एजेंसियां अब पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी हैं और आने वाले दिनों में और बड़े खुलासे हो सकते हैं।
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