झारखंड में आयोजित झारखंड पात्रता परीक्षा (JET) एक बार फिर विवादों में आ गई है। परीक्षा के दौरान सामने आई गंभीर गड़बड़ियों ने हजारों अभ्यर्थियों के भविष्य पर सवाल खड़े कर दिए हैं। कहीं परीक्षा केंद्र पर प्रश्नपत्र कम पड़ गए, तो कहीं ऐसा प्रश्नपत्र दिया गया जिसे पढ़ना ही संभव नहीं था।
इन घटनाओं के बाद संबंधित विषयों की परीक्षा रद्द कर दी गई है, लेकिन छात्रों का गुस्सा शांत नहीं हुआ है। कई छात्र संगठनों ने इसे बड़ी प्रशासनिक लापरवाही बताते हुए जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है।
एक ही दिन में सामने आई दो बड़ी गड़बड़ियां
जानकारी के अनुसार, राज्य के छह जिलों में आयोजित परीक्षा में लगभग डेढ़ लाख अभ्यर्थी शामिल हुए थे। लेकिन परीक्षा के दौरान दो बड़ी समस्याएं सामने आईं:
- बोकारो के एक परीक्षा केंद्र पर शिक्षा विषय के करीब 32 प्रश्नपत्र कम मिले
- रांची में ओडिया भाषा का प्रश्नपत्र इतना खराब था कि उसे पढ़ा ही नहीं जा सका
इन घटनाओं के कारण परीक्षा प्रक्रिया बाधित हो गई और कई छात्रों को घंटों इंतजार करना पड़ा। अंततः प्रशासन ने दोनों विषयों की परीक्षा रद्द करने का निर्णय लिया।
छात्रों में आक्रोश, केंद्र के बाहर हुआ विरोध प्रदर्शन
परीक्षा रद्द होने की खबर मिलते ही छात्रों में नाराजगी फैल गई। कई केंद्रों के बाहर अभ्यर्थियों ने विरोध प्रदर्शन किया और परीक्षा प्रबंधन पर सवाल उठाए।

छात्रों का कहना है कि उन्होंने महीनों तैयारी की थी, लेकिन प्रशासन की लापरवाही के कारण उनका समय और मेहनत दोनों बर्बाद हो गए। कुछ छात्रों ने यह भी कहा कि बार-बार ऐसी घटनाएं होने से सरकारी भर्ती प्रक्रियाओं पर विश्वास कम हो रहा है।
पहले भी हो चुकी हैं ऐसी घटनाएं
यह पहली बार नहीं है जब झारखंड में परीक्षा को लेकर विवाद हुआ हो। इससे पहले भी कई परीक्षाओं में तकनीकी या प्रशासनिक गड़बड़ियां सामने आ चुकी हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि परीक्षा प्रणाली में सुधार की जरूरत है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
आयोग ने क्या कहा?
परीक्षा आयोजन करने वाले आयोग ने मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि जिन केंद्रों पर गड़बड़ी हुई है, वहां की पूरी रिपोर्ट तैयार की जा रही है और दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।
साथ ही छात्रों को आश्वासन दिया गया है कि जल्द ही नई परीक्षा तिथि घोषित की जाएगी।
Latest Follow-Up: नई परीक्षा तिथि को लेकर जल्द फैसला संभव
सूत्रों के अनुसार, आयोग जल्द ही रद्द की गई परीक्षा के लिए नई तिथि घोषित कर सकता है। इसके अलावा परीक्षा प्रक्रिया को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए अतिरिक्त निगरानी और तकनीकी सुधार की योजना भी बनाई जा रही है।
अगर यह निर्णय जल्द लागू होता है, तो हजारों छात्रों को राहत मिल सकती है।
संभावित असर: भर्ती प्रक्रिया में हो सकती है देरी
विशेषज्ञों का कहना है कि परीक्षा रद्द होने के कारण भर्ती प्रक्रिया में कुछ महीनों की देरी हो सकती है। इससे उन उम्मीदवारों पर असर पड़ेगा जो लंबे समय से इस भर्ती का इंतजार कर रहे थे।
हालांकि, प्रशासन का दावा है कि प्रक्रिया को जल्द पूरा करने की कोशिश की जाएगी।
निष्कर्ष
झारखंड में परीक्षा प्रबंधन को लेकर उठे इस विवाद ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या परीक्षा प्रणाली पूरी तरह तैयार है। छात्रों की मांग है कि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
अब सभी की नजर आयोग के अगले फैसले पर टिकी है, क्योंकि वही तय करेगा कि छात्रों को राहत कब मिलेगी।
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