7 मार्च 2026 का पंचांग धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से बेहद खास माना जा रहा है। आज संकष्टी चतुर्थी के साथ-साथ सर्वार्थ सिद्धि योग का शुभ संयोग बन रहा है, जिसे अत्यंत मंगलकारी माना जाता है।
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जब ऐसे शुभ योग बनते हैं तो पूजा-पाठ, दान-पुण्य और नए कार्यों की शुरुआत विशेष फलदायी मानी जाती है। हालांकि दिन में कुछ समय ऐसा भी है जब राहुकाल और अशुभ काल के कारण सावधानी बरतना जरूरी होता है।
आइए जानते हैं 7 मार्च का पंचांग, तिथि, नक्षत्र, शुभ मुहूर्त और राहुकाल का पूरा समय।
📅 7 मार्च 2026 का पंचांग
- वार: शुक्रवार / शनिवार (स्थानीय पंचांग अनुसार)
- तिथि: कृष्ण पक्ष चतुर्थी
- व्रत: संकष्टी चतुर्थी
- नक्षत्र: (पंचांग अनुसार)
- योग: सर्वार्थ सिद्धि योग
- करण: (स्थानीय पंचांग अनुसार बदल सकता है)
आज का दिन विशेष रूप से भगवान गणेश की पूजा के लिए शुभ माना जाता है।
🌙 संकष्टी चतुर्थी का धार्मिक महत्व
संकष्टी चतुर्थी भगवान गणेश को समर्पित व्रत है। इसे विघ्नहर्ता गणपति की कृपा प्राप्त करने का विशेष दिन माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन श्रद्धा से व्रत और पूजा करने से:
- जीवन के संकट दूर होते हैं
- आर्थिक समस्याओं से राहत मिलती है
- मनोकामनाएं पूरी होती हैं
- परिवार में सुख-समृद्धि आती है
इस दिन गणेश जी की पूजा विशेष फलदायी मानी जाती है।

⭐ सर्वार्थ सिद्धि योग क्यों है खास?
ज्योतिष में सर्वार्थ सिद्धि योग को बेहद शुभ योग माना जाता है। जब यह योग बनता है तो कहा जाता है कि व्यक्ति के कार्यों में सफलता की संभावना बढ़ जाती है।
इस योग में किए गए काम:
- जल्दी पूरे होते हैं
- बाधाएं कम आती हैं
- सफलता मिलने की संभावना अधिक रहती है
इसी कारण कई लोग इस समय में महत्वपूर्ण कार्य शुरू करते हैं।
⏰ आज का शुभ मुहूर्त
पंचांग के अनुसार दिन में कुछ समय विशेष रूप से शुभ माना जाता है।
शुभ कार्यों के लिए उपयुक्त समय
- पूजा-पाठ
- नया काम शुरू करना
- निवेश
- यात्रा
- महत्वपूर्ण निर्णय
हालांकि किसी भी शुभ कार्य से पहले स्थानीय पंचांग के अनुसार समय देखना जरूरी है।
⚠️ राहुकाल का समय
हिंदू पंचांग के अनुसार राहुकाल को अशुभ समय माना जाता है। इस दौरान नए काम शुरू करने से बचने की सलाह दी जाती है।
राहुकाल में क्या न करें
- नया व्यापार शुरू
- महत्वपूर्ण निवेश
- यात्रा प्रारंभ
- महत्वपूर्ण दस्तावेज साइन
हालांकि पूजा-पाठ और जप-तप करना इस समय भी किया जा सकता है।
🪔 आज क्या करें?
7 मार्च को संकष्टी चतुर्थी के कारण भगवान गणेश की पूजा करना विशेष लाभदायक माना गया है।
पूजा करने की सरल विधि
1️⃣ सुबह स्नान करके साफ वस्त्र पहनें
2️⃣ घर के मंदिर में गणेश जी की प्रतिमा स्थापित करें
3️⃣ दीपक और धूप जलाएं
4️⃣ दूर्वा और मोदक अर्पित करें
5️⃣ गणेश मंत्र का जाप करें
सबसे प्रसिद्ध मंत्र:
“ॐ गं गणपतये नमः”
इस मंत्र का 108 बार जाप करना अत्यंत शुभ माना जाता है।
🌙 चंद्र दर्शन का महत्व
संकष्टी चतुर्थी व्रत का पारण चंद्र दर्शन के बाद किया जाता है।
इस दिन चंद्रमा को अर्घ्य देकर व्रत खोला जाता है।
चंद्र दर्शन के समय
- चंद्रमा को जल अर्पित करें
- रोली और अक्षत चढ़ाएं
- गणेश जी का स्मरण करें
इसके बाद प्रसाद ग्रहण करें।
🏠 झारखंड में संकष्टी चतुर्थी की परंपरा
झारखंड के कई शहरों जैसे देवघर, रांची, बोकारो और जमशेदपुर में संकष्टी चतुर्थी का व्रत बड़े श्रद्धा से रखा जाता है। कई गणेश मंदिरों में शाम को विशेष पूजा और भजन-कीर्तन का आयोजन किया जाता है। भक्त चंद्र दर्शन के बाद प्रसाद बांटकर व्रत का पारण करते हैं।
⚠️ आज किन बातों का रखें ध्यान
आज के दिन कुछ बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए:
- किसी का अपमान न करें
- क्रोध से बचें
- झूठ बोलने से बचें
- नकारात्मक विचारों से दूर रहें
ऐसा माना जाता है कि इस दिन सकारात्मक सोच रखने से पूजा का फल कई गुना बढ़ जाता है।
📿 छोटा सा उपाय जो बदल सकता है दिन
यदि आप चाहते हैं कि आज का दिन और शुभ बने तो यह छोटा सा उपाय कर सकते हैं:
👉 शाम को गणेश मंदिर में 21 दूर्वा और 5 मोदक अर्पित करें।
मान्यता है कि इससे जीवन के संकट दूर होते हैं और सफलता के रास्ते खुलते हैं।
📊 निष्कर्ष
7 मार्च का पंचांग बताता है कि आज संकष्टी चतुर्थी और सर्वार्थ सिद्धि योग का विशेष संयोग बन रहा है। यह दिन भगवान गणेश की पूजा, दान-पुण्य और शुभ कार्यों के लिए बेहद अनुकूल माना गया है। हालांकि राहुकाल के समय सावधानी रखना जरूरी है। यदि श्रद्धा और सही समय का ध्यान रखा जाए तो यह दिन जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकता है।
Also Read
- दुमका की बेटी ने किया बड़ा कमाल… UPSC में आई शानदार रैंक, कहानी जानकर रह जाएंगे हैरान
- गिरिडीह में फिर शुरू होने वाला है बड़ा खेल! बंद पड़ी परियोजना को लेकर अचानक तेज हुई हलचल
- Jharkhand Govt Job: वित्त विभाग में ₹1.75 लाख महीना सैलरी वाली नौकरी
- India postal service changes: 150 साल पुरानी सेवा अचानक क्यों बदल गई?
- ना बड़ी जमीन, ना बड़ा निवेश… फिर भी देवरानी-जेठानी की कमाई सुनकर चौंक जाएंगे
- झारखंड पुलिस को मिली बड़ी ताकत! 1477 नए वाहन मिलने से बदलेगी कानून व्यवस्था की तस्वीर
- गिरिडीह के करण सेठ ने UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2025 में हासिल की ऑल इंडिया रैंक 333
यहाँ प्रकाशित जानकारी AI की सहायता से तैयार की गई है और हमारे विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की गई है। यह सामग्री केवल सामान्य सूचना और जन-जागरूकता के उद्देश्य से प्रस्तुत की गई है। प्रकाशित जानकारी उपलब्ध तथ्यों और सार्वजनिक स्रोतों पर आधारित है। पाठकों से अनुरोध है कि किसी भी जानकारी पर भरोसा करने से पहले संबंधित आधिकारिक स्रोतों से पुष्टि अवश्य करें।









