आमलकी एकादशी 2026: व्रत विधि, पूजा मुहूर्त और मिलेगा दोगुना पुण्य फल

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27 फरवरी 2026, शुक्रवार को फाल्गुन शुक्ल पक्ष की आमलकी एकादशी मनाई जाएगी। इस दिन सुबह 6:48 बजे से 10:48 बजे तक रवि योग और 10:48 बजे के बाद सर्वार्थ सिद्धि योग का विशेष संयोग बन रहा है। ज्योतिष के अनुसार यह दिन व्रत, पूजा और दान के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है।

झारखंड सहित देवघर, दुमका, रांची और जमशेदपुर के श्रद्धालु इस दिन विशेष रूप से आंवला वृक्ष और भगवान विष्णु की पूजा करते हैं।

🌿 आमलकी एकादशी का धार्मिक महत्व

पुराणों के अनुसार आमलकी (आंवला) वृक्ष में भगवान विष्णु का वास माना जाता है।
इस दिन आंवला वृक्ष की पूजा करने से पापों का नाश और पुण्य की प्राप्ति होती है।

मान्यता है कि:

  • आयु में वृद्धि होती है
  • रोगों से मुक्ति मिलती है
  • धन और समृद्धि का मार्ग खुलता है
  • पितरों की कृपा प्राप्त होती है

झारखंड के ग्रामीण क्षेत्रों में लोग आंवला वृक्ष के नीचे दीपक जलाकर कथा श्रवण करते हैं।

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आमलकी एकादशी 2026 | Credit : AI Edited

🕉️ आमलकी एकादशी 2026 तिथि और पूजा मुहूर्त

  • एकादशी तिथि प्रारंभ: 26 फरवरी रात्रि
  • एकादशी तिथि समाप्त: 27 फरवरी रात 10:32 बजे तक
  • रवि योग: सुबह 6:48 AM – 10:48 AM
  • सर्वार्थ सिद्धि योग: 10:48 AM के बाद

👉 व्रत और पूजा के लिए सुबह का समय अत्यंत शुभ रहेगा।

📿 व्रत विधि कैसे करें?

  1. प्रातः स्नान कर पीले वस्त्र धारण करें
  2. भगवान विष्णु की मूर्ति या चित्र स्थापित करें
  3. आंवला फल या वृक्ष पर जल अर्पित करें
  4. “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का जप करें
  5. दिन भर फलाहार रखें
  6. शाम को एकादशी कथा सुनें

💰 मिलेगा दोगुना पुण्य फल कैसे?

ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार इस बार एकादशी पर रवि योग और सर्वार्थ सिद्धि योग का संयोग बन रहा है।

इस दिन:

  • ब्राह्मणों को दान दें
  • गरीबों को आंवला या गुड़ वितरित करें
  • तुलसी के पौधे में जल अर्पित करें

ऐसा करने से पुण्य फल दोगुना माना जाता है।

🌄 झारखंड में आमलकी एकादशी की विशेष परंपरा

देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम के आसपास कई श्रद्धालु इस दिन विष्णु-शिव संयुक्त पूजा करते हैं।
रांची और बोकारो में महिलाएं आंवला वृक्ष के चारों ओर परिक्रमा कर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना करती हैं।

ग्रामीण क्षेत्रों में यह दिन पारिवारिक एकता और धार्मिक आस्था का प्रतीक माना जाता है।

⚠️ व्रत में क्या न करें?

  • क्रोध और विवाद से बचें
  • मांसाहार और नशे का सेवन न करें
  • झूठ और अपशब्दों से दूरी रखें

🔮 ज्योतिषीय निष्कर्ष

आमलकी एकादशी 2026 का दिन आध्यात्मिक उन्नति, धन वृद्धि और स्वास्थ्य लाभ के लिए अत्यंत शुभ है।
विशेष योगों के कारण इस बार व्रत और पूजा का फल कई गुना बढ़ सकता है।

श्रद्धा और नियम के साथ किया गया व्रत जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला सकता है।

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