रसीद के नाम पर वसूली? बगोदर अंचल कार्यालय में पैसे लेने का आरोप, हस्तक्षेप के बाद लौटाए 36 हजार

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गिरिडीह | बगोदर
गिरिडीह जिले के बगोदर अंचल कार्यालय से जमीन की रसीद कटाने के नाम पर पैसे लेने का मामला सामने आया है। एक युवक ने आरोप लगाया है कि अंचल कार्यालय से जुड़े व्यक्ति द्वारा उससे रकम ली गई, लेकिन काम नहीं हुआ। बाद में शिकायत और प्रशासनिक हस्तक्षेप के बाद पूरी राशि वापस कर दी गई।

यह मामला स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है।

🧾 क्या है पूरा मामला?

शिकायतकर्ता पप्पू ठाकुर ने आरोप लगाया कि जमीन की रसीद कटाने के नाम पर उनसे कुल 36 हजार रुपये लिए गए थे। काम समय पर नहीं होने के कारण जब उन्होंने रकम वापस मांगी, तो कथित तौर पर 22 हजार रुपये लंबे समय तक लंबित रखे गए।

युवक का कहना है कि रकम लौटाने को लेकर लगातार टालमटोल की गई और अभद्र व्यवहार भी किया गया।

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बगोदर अंचल कार्यालय में जमीन रसीद विवाद को लेकर प्रशासनिक हस्तक्षेप | Credit : AI Edited

🚨 शिकायत पहुंची उप प्रमुख तक

मामले की जानकारी स्थानीय जनप्रतिनिधि उप प्रमुख हरेंद्र कुमार सिंह को दी गई। उप प्रमुख ने त्वरित पहल करते हुए बगोदर अंचल अधिकारी से संपर्क किया और पूरे मामले की जानकारी साझा की।

इसके बाद प्रशासन सक्रिय हुआ।

👮‍♂️ सीओ ने लिया संज्ञान, पैसे लौटाने का निर्देश

बगोदर अंचल अधिकारी प्रवीण कुमार ने संबंधित व्यक्ति को तलब कर फटकार लगाई और तत्काल बकाया राशि लौटाने का निर्देश दिया। प्रशासनिक दबाव के बाद शाम तक पूरी 36 हजार रुपये की राशि शिकायतकर्ता को लौटा दी गई।

मौके पर स्थानीय जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहे, जिनमें:

  • माले प्रखंड सचिव परमेश्वर महतो
  • पूर्व मुखिया संतोष रजक
  • मुखिया पति पूरन कुमार महतो

शामिल थे।

⚖️ प्रशासन की सक्रियता से शांत हुआ विवाद

राशि वापस होने के बाद विवाद शांतिपूर्ण तरीके से समाप्त हो गया। हालांकि, इस घटना ने राजस्व कार्यालयों में पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि जमीन से जुड़े कार्यों में अक्सर दलालों और अनधिकृत माध्यमों के कारण आम जनता परेशान होती है।

📌 सिस्टम पर उठे सवाल

विशेषज्ञों का मानना है कि:

  • जमीन की रसीद, दाखिल-खारिज जैसे कार्यों में ऑनलाइन प्रक्रिया को और पारदर्शी बनाया जाए
  • दलालों और बिचौलियों की भूमिका खत्म की जाए
  • कार्यालयों में शिकायत निवारण तंत्र मजबूत किया जाए

🗣️ जनता में क्या संदेश गया?

हालांकि प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई कर रकम लौटवा दी, लेकिन यह घटना आम लोगों के बीच यह संदेश छोड़ गई कि जमीन से जुड़े मामलों में सतर्कता जरूरी है।

स्थानीय लोगों ने मांग की है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो और स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जाएं।

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