गिरिडीह | बगोदर
गिरिडीह जिले के बगोदर थाना क्षेत्र अंतर्गत डोरियो भाया चिचाकी रोड पर मंगलवार को एक बड़ा सड़क हादसा हो गया। प्रज्ञान पब्लिक स्कूल के समीप एक बोलेरो वाहन अचानक अनियंत्रित हो गया और पुल की रेलिंग तोड़ते हुए सीधे नहर के नीचे जा गिरा। हादसे में वाहन सवार महिला, बच्चे और पुरुष गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
🚨 कैसे हुआ हादसा
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बोलेरो तेज रफ्तार में डोरियो से चिचाकी की ओर जा रही थी। जैसे ही वाहन प्रज्ञान पब्लिक स्कूल के पास स्थित पुल के समीप पहुंचा, चालक का संतुलन बिगड़ गया। वाहन पुल की रेलिंग तोड़ते हुए नहर में जा गिरा।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क का यह हिस्सा अत्यधिक घुमावदार है और किनारे पर्याप्त सुरक्षा रेलिंग नहीं है, जिससे वाहन नियंत्रण खो देते हैं।
🚑 स्थानीय लोगों ने बचाई जान
हादसे के तुरंत बाद आसपास के ग्रामीण और राहगीर मौके पर दौड़े। उन्होंने जोखिम उठाते हुए नहर में गिरे वाहन से घायलों को बाहर निकाला। इसके बाद सभी घायलों को नजदीकी अस्पताल भेजा गया।

सूत्रों के अनुसार घायलों में महिला और बच्चे भी शामिल हैं, जिनकी हालत गंभीर बताई जा रही है। डॉक्टरों की टीम उनका इलाज कर रही है।
⚠️ पहले भी हो चुके हैं कई हादसे
स्थानीय निवासियों का कहना है कि यह स्थान दुर्घटना संभावित क्षेत्र के रूप में जाना जाता है। इससे पहले भी कई चारपहिया वाहन और बाइक इसी जगह अनियंत्रित होकर नहर में गिर चुके हैं। सड़क किनारे मजबूत रेलिंग और चेतावनी संकेतों की कमी को लगातार हादसों की मुख्य वजह बताया जा रहा है।
ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार प्रशासन को आवेदन दिया गया, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं किया गया।
🛣️ घुमावदार सड़क और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
डोरियो भाया चिचाकी रोड का यह हिस्सा संकरा और तीखे मोड़ वाला है। विशेषकर रात के समय यहां वाहन चालकों को दृश्यता में कठिनाई होती है। विशेषज्ञों के अनुसार ऐसे स्थानों पर रिफ्लेक्टर, चेतावनी बोर्ड और मजबूत रेलिंग अनिवार्य रूप से होनी चाहिए।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सुरक्षा इंतजाम किए गए होते, तो यह हादसा टल सकता था।
👮♂️ पुलिस ने शुरू की जांच
घटना की सूचना मिलते ही बगोदर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त वाहन को बाहर निकालने की प्रक्रिया शुरू कर दी है और मामले की जांच की जा रही है। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार वाहन की तेज रफ्तार और सड़क की स्थिति दोनों हादसे के कारण हो सकते हैं।
📢 प्रशासन से उठी मांग
घटना के बाद ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल कदम उठाने की मांग की है। उनकी प्रमुख मांगें हैं:
- पुल के किनारे मजबूत सुरक्षा रेलिंग लगाई जाए
- घुमावदार सड़क पर चेतावनी संकेत और स्पीड ब्रेकर लगाए जाएं
- रात के समय उचित प्रकाश व्यवस्था की जाए
ग्रामीणों का कहना है कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो भविष्य में और भी बड़े हादसे हो सकते हैं।
📌 फिलहाल स्थिति नियंत्रण में
पुलिस और प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि मामले की रिपोर्ट तैयार कर संबंधित विभाग को भेजी जाएगी और सुरक्षा उपायों पर विचार किया जाएगा। घायलों का उपचार जारी है और उनकी स्थिति पर निगरानी रखी जा रही है।
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