गिरिडीह | डेस्क
गिरिडीह जिले में अवैध शराब कारोबार के खिलाफ उत्पाद विभाग ने बड़ी और चौंकाने वाली कार्रवाई की है। मछली ढोने वाली पेटियों में छिपाकर ले जाई जा रही विदेशी शराब की भारी खेप को जब्त किया गया है। इस कार्रवाई से शराब माफियाओं में हड़कंप मच गया है। उत्पाद विभाग का दावा है कि यह खेप नगर निगम चुनाव को प्रभावित करने के उद्देश्य से लाई जा रही थी।
🚨 गुप्त सूचना पर शुरू हुई कार्रवाई
उत्पाद अधीक्षक को गुप्त सूचना मिली थी कि डुमरी–बोकारो (फुसरो) मुख्य मार्ग के रास्ते अवैध शराब की बड़ी खेप तस्करी कर ले जाई जा रही है। सूचना के आधार पर उत्पाद विभाग की एक विशेष टीम गठित की गई। टीम ने निमियाघाट थाना क्षेत्र में संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखनी शुरू की।
इसी दौरान डुमरी–बोकारो मुख्य मार्ग पर एक पिकअप वैन को रोककर उसकी तलाशी ली गई।
🐟 मछली की पेटियों में छिपी थी विदेशी शराब
तलाशी के दौरान पिकअप वैन में ऊपर से मछली की पेटियां लदी हुई नजर आईं। जब टीम ने पेटियों को खोलकर जांच की, तो सभी हैरान रह गए। पेटियों के अंदर विदेशी शराब की बड़ी खेप छिपाकर रखी गई थी। मछली की आड़ में शराब तस्करी का यह तरीका देखकर अधिकारी भी चौंक गए।

इसके बाद सरिया थाना क्षेत्र के कोइरीडीह बाजार से एक और पिकअप वैन को जब्त किया गया, जिसमें भी अवैध शराब लदी हुई थी।
📦 141 पेटी शराब जब्त, नामी ब्रांड शामिल
उत्पाद विभाग की इस संयुक्त कार्रवाई में कुल 141 पेटी अवैध विदेशी शराब बरामद की गई है। जब्त शराब में रॉयल स्टैग, बी-7, आइकोनिक, ब्लेंडर प्राइड और रॉयल चैलेंज जैसे नामी ब्रांड शामिल हैं।
अधिकारियों के अनुसार, जब्त शराब की बाजार कीमत लाखों रुपये आंकी जा रही है। इतनी बड़ी मात्रा में शराब की बरामदगी को जिले की अब तक की बड़ी कार्रवाइयों में से एक माना जा रहा है।
👮♂️ दो आरोपी गिरफ्तार, पूछताछ जारी
कार्रवाई के दौरान उत्पाद विभाग ने एक शराब तस्कर और एक वाहन चालक को मौके से गिरफ्तार किया है। दोनों से गहन पूछताछ की जा रही है। प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि शराब की यह खेप दूसरे जिलों से लाई गई थी और इसे स्थानीय स्तर पर खपाने की तैयारी थी।
🗳️ चुनाव को प्रभावित करने की साजिश का शक
उत्पाद विभाग के अधिकारियों का मानना है कि यह शराब खेप आगामी नगर निगम चुनाव को प्रभावित करने के इरादे से लाई जा रही थी। चुनाव के समय शराब बांटकर मतदाताओं को प्रभावित करने की कोशिश की जाती है, जिसे रोकने के लिए विभाग पहले से सतर्क था।
अधिकारियों का कहना है कि इस एंगल से भी पूरे मामले की गहन जांच की जा रही है।
🔗 नेटवर्क, सप्लायर और माफिया की तलाश
उत्पाद विभाग अब इस तस्करी के पीछे सक्रिय नेटवर्क, सप्लायर और अन्य शराब माफियाओं की पहचान में जुट गया है। यह पता लगाया जा रहा है कि शराब कहां से लाई गई थी और इसे किन-किन इलाकों में सप्लाई किया जाना था।
विभाग का कहना है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
⚠️ प्रशासन का सख्त संदेश
इस कार्रवाई के जरिए प्रशासन ने साफ संदेश दिया है कि जिले में अवैध शराब कारोबार किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, खासकर चुनावी माहौल में। उत्पाद विभाग ने आम लोगों से भी अपील की है कि अगर कहीं अवैध शराब की तस्करी या बिक्री की सूचना मिले, तो तुरंत प्रशासन को जानकारी दें।
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