गिरिडीह | मुफस्सिल
गिरिडीह मुफस्सिल थाना क्षेत्र से औद्योगिक शांति को झकझोर देने वाला एक गंभीर मामला सामने आया है। मंझिलाडीह स्थित बालमुकुंद स्पंज एंड आयरन प्राइवेट लिमिटेड कारखाना में कुछ लोगों द्वारा अवैध रूप से कामकाज बाधित करने, गेट जाम करने और रंगदारी मांगने का आरोप लगाया गया है। इस संबंध में फैक्ट्री प्रभारी ने मुफस्सिल थाना में लिखित आवेदन देकर प्राथमिकी दर्ज कराई है।
घटना के बाद से फैक्ट्री कर्मियों में भय का माहौल है, वहीं कंपनी को भारी आर्थिक नुकसान होने की बात कही जा रही है।
🏭 सुबह-सुबह फैक्ट्री गेट पर जमावड़ा
फैक्ट्री प्रभारी परशुराम तिवारी द्वारा दिए गए आवेदन के अनुसार, 27 जनवरी 2026 की सुबह करीब 6 बजे कन्हाय पाण्डे, केदार राय और सनातन साहू के नेतृत्व में 25 से 30 लोगों ने बिना किसी पूर्व सूचना के फैक्ट्री के मुख्य गेट पर जमावड़ा कर दिया। आरोप है कि इन लोगों ने फैक्ट्री का गेट जबरन जाम कर दिया और अंदर-बाहर आवाजाही पूरी तरह रोक दी।

इस दौरान फैक्ट्री में काम करने वाले मजदूरों को अंदर जाने से रोक दिया गया, जिससे उत्पादन कार्य पूरी तरह ठप हो गया।
🚛 ट्रकों की आवाजाही रोकी, मुख्य मार्ग पर लगा जाम
आवेदन में यह भी कहा गया है कि कच्चा माल लेकर पहुंचे ट्रकों को फैक्ट्री के अंदर प्रवेश नहीं करने दिया गया। इसके कारण गिरिडीह–टुंडी–धनबाद मुख्य मार्ग पर लंबा जाम लग गया। सड़क जाम की वजह से आम राहगीरों और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
स्थानीय लोगों के अनुसार, कई घंटे तक सड़क पर वाहनों की लंबी कतार लगी रही, जिससे क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
💰 हर माह एक लाख रुपये रंगदारी की मांग का आरोप
फैक्ट्री प्रबंधन ने आरोप लगाया है कि गेट जाम करने वाले लोगों ने कंपनी से हर माह एक लाख रुपये रंगदारी की मांग की। आरोप है कि जब सुरक्षा प्रभारी गोपाल सिंह ने इसका विरोध किया, तो उसके साथ मारपीट की गई और उसके पास से नकदी भी छीन ली गई।
इस घटना के बाद फैक्ट्री कर्मियों में दहशत फैल गई और कई मजदूर काम पर आने से डरने लगे।
👮♂️ पुलिस पहुंचते ही आरोपी फरार
घटना की सूचना मिलते ही मुफस्सिल थाना की पुलिस मौके पर पहुंची। हालांकि पुलिस के पहुंचने से पहले ही सभी आरोपी मौके से फरार हो गए। पुलिस ने घटनास्थल का जायजा लिया और फैक्ट्री प्रबंधन से विस्तृत जानकारी ली।
पुलिस का कहना है कि प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और आरोपियों की पहचान के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
⚠️ फैक्ट्री को हो रहा भारी आर्थिक नुकसान
फैक्ट्री प्रबंधन का कहना है कि इस तरह की घटनाओं से न सिर्फ उत्पादन प्रभावित हो रहा है, बल्कि कंपनी को आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ रहा है। यदि इस तरह की गतिविधियों पर समय रहते रोक नहीं लगी, तो औद्योगिक माहौल पर नकारात्मक असर पड़ सकता है।
📌 औद्योगिक क्षेत्र की सुरक्षा पर उठे सवाल
इस घटना ने एक बार फिर गिरिडीह के औद्योगिक क्षेत्रों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय उद्यमियों का कहना है कि प्रशासन को ऐसे मामलों में सख्ती बरतनी चाहिए, ताकि उद्योग सुरक्षित माहौल में काम कर सकें।
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