झारखंड | देवघर
झारखंड के देवघर जिले में रात के अंधेरे में मोबाइल छिनतई की वारदातों से परेशान लोगों के लिए बड़ी खबर सामने आई है।
देवघर पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है जो शहर में सुनसान इलाकों और व्यस्त चौक-चौराहों पर लोगों को निशाना बनाकर मोबाइल छीनने की घटनाओं को अंजाम दे रहा था।
सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि पुलिस ने सिर्फ दो दिनों के अंदर पूरे नेटवर्क तक पहुंचकर चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
एक रात में हुई थीं दो बड़ी वारदातें
जानकारी के अनुसार 8 मई 2026 की रात करीब 9:50 बजे नगर थाना क्षेत्र में दो अलग-अलग मोबाइल छिनतई की घटनाएं हुई थीं।
पहली घटना पटेल चौक के पास हुई, जहां धनबाद निवासी सौरोदिप राय चौधरी को निशाना बनाया गया।
दूसरी वारदात शंख मोड़ और देव तीर्थ गेट के पास हुई, जहां पश्चिम बंगाल के खड़गपुर निवासी अमितेश सिन्हा से मोबाइल छीन लिया गया। इन घटनाओं के बाद इलाके में दहशत का माहौल बन गया था।
पुलिस ने बनाया स्पेशल ऑपरेशन प्लान
घटना की गंभीरता को देखते हुए देवघर पुलिस ने तुरंत विशेष टीम का गठन किया।
यह टीम अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के नेतृत्व में बनाई गई, जिसमें नगर थाना और तकनीकी शाखा के अधिकारियों को शामिल किया गया। सूत्रों के अनुसार पुलिस ने इस केस को सामान्य छिनतई न मानकर संगठित गिरोह की तरह जांच शुरू की।
CCTV फुटेज से मिला बड़ा सुराग
पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे CCTV कैमरों की जांच शुरू की।
इसके साथ ही तकनीकी इनपुट और स्थानीय सूत्रों की मदद से संदिग्ध युवकों की पहचान की गई। बताया जा रहा है कि फुटेज में कुछ युवक लगातार संदिग्ध तरीके से घूमते नजर आए थे।
मोबाइल बेचने की तैयारी में पकड़े गए आरोपी
पुलिस की जांच आखिरकार नंदन पहाड़ स्थित मंगल तालाब के पास जाकर रुकी।

यहां पुलिस ने छापेमारी कर चार आरोपियों को उस समय पकड़ लिया जब वे चोरी के मोबाइल बेचने की तैयारी कर रहे थे सूत्रों के अनुसार आरोपियों ने एक दुकान का लॉक तोड़कर मोबाइल छिपाने और बेचने की कोशिश की थी।
कौन-कौन आरोपी गिरफ्तार?
गिरफ्तार आरोपियों में शामिल हैं:
- अनिकेत कुमार सिंह (20 वर्ष)
- विजय कुमार चौधरी (19 वर्ष)
- अमन कुमार चौधरी (21 वर्ष)
- विकास कुमार उर्फ विक्की महथा (21 वर्ष)
सभी आरोपी देवघर जिले के अलग-अलग इलाकों के रहने वाले बताए जा रहे हैं।
बरामदगी ने पुलिस को भी चौंकाया
छापेमारी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से:
- 11 मोबाइल फोन
- 1 लैपटॉप
- 2 मोटरसाइकिल (पल्सर और ग्लैमर)
बरामद किए।
पुलिस अब यह जांच कर रही है कि ये मोबाइल किन-किन लोगों से छीने गए थे।
पहले भी दर्ज हैं कई आपराधिक मामले
जांच में सामने आया कि गिरफ्तार आरोपी पहले भी कई मामलों में शामिल रह चुके हैं।
विशेष रूप से अमन कुमार चौधरी, अनिकेत कुमार सिंह और विजय कुमार चौधरी के खिलाफ:
- साइबर अपराध
- चोरी
- अन्य आपराधिक मामले
पहले से दर्ज हैं।
क्या शहर में बड़ा नेटवर्क सक्रिय है?
पुलिस सूत्रों के अनुसार यह मामला सिर्फ मोबाइल छिनतई तक सीमित नहीं हो सकता।
संभावना जताई जा रही है कि यह गिरोह चोरी और साइबर अपराध से जुड़े दूसरे नेटवर्क के संपर्क में भी हो सकता है। तकनीकी शाखा अब बरामद मोबाइल और लैपटॉप के डेटा की जांच कर रही है।
शहर में बढ़ रही स्नैचिंग की घटनाएं बनी चिंता
देवघर में पिछले कुछ महीनों से मोबाइल छिनतई और सड़क अपराध की घटनाएं बढ़ी हैं।
खासतौर पर रात के समय सुनसान इलाकों में राहगीरों और यात्रियों को निशाना बनाया जा रहा था। स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिस की इस कार्रवाई से ऐसे अपराधियों में डर पैदा होगा।
पुलिस टीम की बड़ी भूमिका
इस पूरे ऑपरेशन में नगर थाना और तकनीकी शाखा की टीम की अहम भूमिका रही।
ऑपरेशन में शामिल प्रमुख पुलिस अधिकारी:
- मुकेश कुमार
- मुकेश कुमार तिवारी
- ओम शरण
- घनश्याम गंझू
- सूरज कुमार
- सुमंत प्रसाद
- मिथलेश कुमार
- संदीप कृष्णा
- प्रभात कुमार
बताए गए हैं।
देवघर पुलिस ने लोगों से की अपील
झारखंड पुलिस ने लोगों से अपील की है कि:
- रात में सतर्क रहें
- संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तुरंत दें
- सुनसान रास्तों पर मोबाइल का इस्तेमाल सावधानी से करें
साथ ही साइबर हेल्पलाइन 1930 और पुलिस कंट्रोल रूम नंबर पर तुरंत संपर्क करने को कहा गया है।
Latest Follow-up
सूत्रों के अनुसार पुलिस अब इस गिरोह के अन्य संभावित साथियों की तलाश में जुटी है।
संभावना है कि आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या यह गिरोह दूसरे जिलों में भी वारदातों को अंजाम देता था।
निष्कर्ष
देवघर पुलिस की यह कार्रवाई दिखाती है कि तकनीकी जांच और त्वरित एक्शन से संगठित सड़क अपराधों पर तेजी से लगाम लगाई जा सकती है।
CCTV फुटेज और लोकल इंटेलिजेंस की मदद से सिर्फ दो दिनों में पूरे गिरोह तक पहुंचना पुलिस के लिए बड़ी सफलता माना जा रहा है।
Also Read
- पेपर लीक केस में बड़ा मोड़! 159 अभ्यर्थियों को मिली जमानत, अब जांच पर उठे नए सवाल
- CEIR पोर्टल से गढ़वा पुलिस की बड़ी कामयाबी! गुम हुए 3 मोबाइल बरामद, मालिकों को लौटाई खुशियां
- पलामू मेडिकल कॉलेज में गंदगी और अव्यवस्था पर DC का बड़ा एक्शन! सफाई सुपरवाइजर सस्पेंड
- 7 साल के इशांक ने 9 घंटे 50 मिनट तक समंदर में तैरकर रचा इतिहास, CM हेमंत सोरेन ने किया सम्मानित
- बंद घर में चल रही थी ‘मिनी गन फैक्ट्री’! 4 ताले तोड़ते ही पुलिस रह गई दंग, साहिबगंज में सनसनी
- झारखंड के सैकड़ों स्कूलों ने किया बड़ा कमाल! इस बार एक भी छात्र फेल नहीं, रिजल्ट ने सबको चौंकाया
- झारखंड बोर्ड में बेटियों का जलवा! तीनों संकाय में लड़कियों ने मारी बाजी, लड़कों से बेहतर रहा रिजल्ट
- झारखंड के हजारों शिक्षकों में बढ़ी बेचैनी! महीनों से नहीं मिला पैसा, अब सड़क से सरकार तक उठी आवाज
यहाँ प्रकाशित जानकारी AI की सहायता से तैयार की गई है और हमारे विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की गई है। यह सामग्री केवल सामान्य सूचना और जन-जागरूकता के उद्देश्य से प्रस्तुत की गई है। प्रकाशित जानकारी उपलब्ध तथ्यों और सार्वजनिक स्रोतों पर आधारित है। पाठकों से अनुरोध है कि किसी भी जानकारी पर भरोसा करने से पहले संबंधित आधिकारिक स्रोतों से पुष्टि अवश्य करें।








