अब टैबलेट से चलेगी विधानसभा? झारखंड में खत्म हो सकती है फाइलों की मोटी गड्डियां

WhatsApp
Telegram
Facebook
Twitter
LinkedIn
विधानसभा,NeVA application India, paperless assembly Jharkhand, Digital India legislature, Ravindra Nath Mahato workshop, e-Vidhan app news, Jharkhand assembly digital system,

रांची | विशेष रिपोर्ट
झारखंड विधानसभा अब एक बड़े डिजिटल बदलाव की ओर बढ़ रही है।
कागजों के ढेर, भारी फाइलें और लंबी मैनुअल प्रक्रिया की जगह अब टैबलेट, मोबाइल और डिजिटल दस्तावेज लेने की तैयारी शुरू हो गई है।

राज्य विधानसभा में नेशनल ई-विधान एप्लिकेशन (NeVA) लागू करने को लेकर विशेष वर्कशॉप आयोजित की गई, जिसमें विधानसभा को पूरी तरह पेपरलेस और डिजिटल बनाने की दिशा में रोडमैप पर चर्चा हुई।

🏛️ विधानसभा में डिजिटल बदलाव की तैयारी

विधानसभा सचिवालय के लेजिस्लेटिव रिसर्च, रेफरेंस एवं ट्रेनिंग सेल की ओर से आयोजित इस कार्यशाला में विधानसभा अध्यक्ष रवींद्रनाथ महतो ने अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि ज्ञान और अनुभव साझा करने से कार्य प्रणाली अधिक मजबूत बनती है।

उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि मानसून सत्र से पहले NeVA के जरिए सदन की कार्यवाही संचालित करने की तैयारी पूरी कर ली जाए। इसका मतलब है कि आने वाले समय में झारखंड विधानसभा की कार्यवाही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर शिफ्ट हो सकती है।

📱 आखिर क्या है NeVA?

नेशनल ई-विधान एप्लिकेशन (NeVA) भारत सरकार की ‘डिजिटल इंडिया’ पहल के तहत शुरू की गई मिशन मोड परियोजना है।

WhatsApp Channel Join Now
Telegram Channel Join Now
Instagram Group Join Now

इसका उद्देश्य देश की सभी विधानसभाओं को डिजिटल और पेपरलेस बनाना है। यह “One Nation, One Application” मॉडल पर आधारित प्रणाली है, जिसके जरिए:

  • प्रश्नोत्तर
  • दस्तावेज
  • कार्यसूची
  • विधायी जानकारी
  • सदन की कार्यवाही

मोबाइल और टैबलेट पर उपलब्ध कराई जाती है।

विधानसभा,NeVA application India, paperless assembly Jharkhand, Digital India legislature, Ravindra Nath Mahato workshop, e-Vidhan app news, Jharkhand assembly digital system,
झारखंड विधानसभा में NeVA और पेपरलेस व्यवस्था पर आयोजित वर्कशॉप

☁️ MeghRaj Cloud पर आधारित सिस्टम

NeVA प्रणाली NIC Cloud ‘MeghRaj’ पर आधारित है। इससे विधायक और अधिकारी किसी भी समय:

  • सदन से जुड़े दस्तावेज देख सकेंगे
  • कार्यवाही ट्रैक कर सकेंगे
  • जरूरी जानकारी डिजिटल रूप से एक्सेस कर सकेंगे

विशेषज्ञों का मानना है कि इससे प्रक्रिया तेज और पारदर्शी हो सकती है।

📂 कागज की फाइलें होंगी कम?

अगर NeVA पूरी तरह लागू होता है, तो विधानसभा में कागजी प्रक्रिया काफी कम हो सकती है।

इससे संभावित फायदे:

  • कागज की बचत
  • रिकॉर्ड प्रबंधन आसान
  • समय की बचत
  • दस्तावेजों की तेज उपलब्धता
  • पारदर्शिता में वृद्धि

बताए जा रहे हैं।

🎯 स्पीकर ने क्या कहा?

विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि विधायी संस्थाएं जितनी मजबूत होंगी, कार्यपालिका उतनी ही जवाबदेह बनेगी। उन्होंने अधिकारियों से लगातार अपडेट रहने और विधायी प्रक्रियाओं की गहरी समझ विकसित करने की अपील की।

👨‍💻 वर्कशॉप में क्या हुआ?

कार्यशाला के दौरान:

  • अंडर सेक्रेटरी राव दीपेंद्र कुमार यादव ने NeVA के संवैधानिक और तकनीकी पहलुओं की जानकारी दी
  • स्पीकर के स्पेशल ऑफिसर विवेक कुमार ने विधानसभा प्रक्रियाओं पर प्रस्तुति दी
  • असिस्टेंट ब्रांच ऑफिसर कृष्ण कुमार सिंह ने नियम और प्रक्रियाओं को समझाया

कार्यक्रम को विधानसभा के सेक्रेटरी इंचार्ज रंजीत कुमार ने भी संबोधित किया।

🌍 देशभर में क्यों बढ़ रहा है NeVA मॉडल?

भारत के कई राज्यों में विधानसभा और विधान परिषद अब डिजिटल मॉडल की ओर बढ़ रही हैं।

डिजिटल विधायी प्रणाली से:

  • दस्तावेजों की उपलब्धता तेज होती है
  • रिकॉर्ड सुरक्षित रहते हैं
  • पेपरलेस गवर्नेंस को बढ़ावा मिलता है

और प्रशासनिक खर्च कम होने की संभावना रहती है।

⚖️ क्या चुनौतियां भी होंगी?

विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल व्यवस्था लागू करना आसान नहीं होगा।

मुख्य चुनौतियां:

  • तकनीकी प्रशिक्षण
  • साइबर सुरक्षा
  • डिजिटल साक्षरता
  • नेटवर्क और सिस्टम की विश्वसनीयता

हो सकती हैं।

लेकिन अगर तैयारी मजबूत हो, तो यह व्यवस्था लंबे समय में काफी प्रभावी साबित हो सकती है।

🔎 क्या बदलेगा आम लोगों के लिए?

NeVA लागू होने के बाद आम जनता को भी विधानसभा की कार्यवाही और दस्तावेजों तक अधिक आसान डिजिटल पहुंच मिल सकती है।

इससे पारदर्शिता बढ़ने और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को समझने में मदद मिलने की उम्मीद है।

🔥 निष्कर्ष

झारखंड विधानसभा का पेपरलेस और डिजिटल बनने की दिशा में बढ़ना सिर्फ तकनीकी बदलाव नहीं, बल्कि प्रशासनिक संस्कृति में बड़े परिवर्तन का संकेत माना जा रहा है।

अब सवाल यह है कि:
क्या आने वाले समय में झारखंड विधानसभा पूरी तरह डिजिटल मॉडल पर काम करने वाली अग्रणी विधानसभाओं में शामिल होगी?

Also Read

यहाँ प्रकाशित जानकारी AI की सहायता से तैयार की गई है और हमारे विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की गई है। यह सामग्री केवल सामान्य सूचना और जन-जागरूकता के उद्देश्य से प्रस्तुत की गई है। प्रकाशित जानकारी उपलब्ध तथ्यों और सार्वजनिक स्रोतों पर आधारित है। पाठकों से अनुरोध है कि किसी भी जानकारी पर भरोसा करने से पहले संबंधित आधिकारिक स्रोतों से पुष्टि अवश्य करें।

Raj Anand  के बारे में
Raj Anand At JharkhandBuzz.com, we deliver sharp insights, real-time news updates, and ground reports from across Jharkhand. Read More
For Feedback - merajanand@gmail.com

---Advertisement---

LATEST Post

WhatsApp Icon Telegram Icon