8वां वेतन आयोग मीटिंग शुरू: 6% इंक्रीमेंट, ₹69,000 सैलरी और NPS हटाने की मांग से बढ़ी हलचल वेतन आयोग (8th Pay Commission) की पहली महत्वपूर्ण बैठक हाल ही में आयोजित हुई, जिसमें केंद्रीय कर्मचारियों की सैलरी, प्रमोशन, इंक्रीमेंट और पेंशन से जुड़े बड़े मुद्दों पर चर्चा की गई।
इस बैठक में कर्मचारी संगठनों ने कई बड़ी मांगें रखीं, जिनका असर देश के 50 लाख कर्मचारियों और 65 लाख पेंशनर्स पर पड़ सकता है।
6% सालाना इंक्रीमेंट की मांग क्यों हो रही है
सबसे बड़ा मुद्दा Annual Increment को लेकर सामने आया है।
वर्तमान vs प्रस्ताव
- अभी: 3% सालाना इंक्रीमेंट
- प्रस्ताव: 6% सालाना इंक्रीमेंट
कर्मचारी संगठनों का कहना है कि महंगाई और जीवन यापन की लागत तेजी से बढ़ रही है, इसलिए 3% बढ़ोतरी पर्याप्त नहीं है।
➡ यदि यह लागू होता है, तो कर्मचारियों की सैलरी हर साल तेजी से बढ़ेगी।
न्यूनतम वेतन ₹69,000 करने की मांग
बैठक में एक और बड़ा प्रस्ताव रखा गया —
- वर्तमान न्यूनतम वेतन: ₹18,000
- प्रस्तावित वेतन: ₹69,000
इसके लिए 3.83 Fitment Factor लागू करने की मांग की गई है।
➡ इससे सैलरी में 80% तक बढ़ोतरी संभव हो सकती है।
NPS हटाने और पुरानी पेंशन बहाल करने की मांग
बैठक में पेंशन को लेकर भी बड़ा मुद्दा उठा।
मुख्य मांग
- NPS (National Pension Scheme) खत्म किया जाए
- पुरानी UPS / Old Pension Scheme लागू हो
कर्मचारी संगठनों का तर्क है कि नई पेंशन योजना में सुरक्षा कम है, जबकि पुरानी योजना अधिक स्थिर और सुरक्षित थी।
प्रमोशन को लेकर क्या बदलाव हो सकते हैं
कर्मचारी संगठनों ने career growth पर भी जोर दिया है।

प्रमुख मांग
- हर 5 साल में प्रमोशन
- अतिरिक्त 2 प्रमोशन
- MACP में सुधार
➡ इससे कर्मचारियों को stagnation से राहत मिलेगी।
भत्तों में 3 गुना बढ़ोतरी का प्रस्ताव
बैठक में allowances को लेकर भी बड़ी मांग रखी गई।
प्रमुख भत्ते
- CEA (बच्चों की पढ़ाई)
- HRA (किराया भत्ता)
- Risk Allowance
➡ इन सभी भत्तों को 3 गुना तक बढ़ाने का प्रस्ताव है।
साथ ही इन्हें DA से लिंक करने की भी मांग की गई है।
छुट्टियों और सुविधाओं में भी बड़े बदलाव संभव
कर्मचारियों ने work-life balance को बेहतर बनाने के लिए नई सुविधाओं की मांग की है।
नई मांग
- 600 दिन तक leave encashment
- Menstrual Leave
- Paternity Leave
- Parent Care Leave
किन लोगों को मिलेगा फायदा
8वें वेतन आयोग के फैसले से प्रभावित होंगे:
- 50 लाख केंद्रीय कर्मचारी
- 65 लाख पेंशनर्स
- डिफेंस और सिविल दोनों सेक्टर
➡ यानी देश के करोड़ों लोगों पर इसका असर पड़ेगा।
आगे क्या होगा
आयोग ने साफ किया है कि:
- अभी और बैठकें होंगी
- राज्यों में भी consultation होगा
- अंतिम फैसला रिपोर्ट आने के बाद ही होगा
कर्मचारियों के लिए जरूरी 5 बातें
- 6% इंक्रीमेंट पर गंभीर चर्चा चल रही है
- न्यूनतम वेतन ₹69,000 करने की मांग
- NPS हटाकर पुरानी पेंशन लागू करने की मांग
- प्रमोशन हर 5 साल में देने का प्रस्ताव
- भत्तों को 3 गुना बढ़ाने की मांग
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