रांची में पुलिस ने मानव तस्करी से जुड़े एक बेहद खतरनाक और संगठित गिरोह का खुलासा किया है। इस बड़ी कार्रवाई में 12 मासूम बच्चों को तस्करों के चंगुल से मुक्त कराया गया है, जबकि 16 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के मुताबिक यह गिरोह पिछले कई वर्षों से बच्चों की चोरी कर उन्हें अनैतिक कार्यों में धकेल रहा था।
यह कार्रवाई धुर्वा इलाके से अंश और अंशिका के लापता होने के बाद शुरू हुई जांच का नतीजा है। बच्चों की तलाश के दौरान रांची पुलिस को ऐसे सुराग मिले, जिनसे पूरे राज्य में फैले इस मानव तस्करी नेटवर्क का पर्दाफाश हो सका।
👮♂️ कैसे हुआ गिरोह का खुलासा
मामले की जानकारी देते हुए राकेश रंजन, एसएसपी रांची ने बताया कि अंश और अंशिका की गुमशुदगी के बाद रांची समेत कई जिलों और अन्य राज्यों में एक साथ छापेमारी अभियान चलाया गया। इसी दौरान पुलिस ने एक शातिर बच्चा चोर गिरोह को पकड़ा, जिसकी पहचान “गुलगुलिया गैंग” के रूप में हुई।

पुलिस जांच में सामने आया कि यह गिरोह पिछले करीब 10 वर्षों से सक्रिय था और अब तक दर्जनों बच्चों को अलग-अलग राज्यों में बेच चुका है।
🚨 बिहार, बंगाल और यूपी तक फैला नेटवर्क
पुलिस के अनुसार इस गिरोह के तार बिहार, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और उत्तर प्रदेश से जुड़े हुए हैं। तस्कर आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को निशाना बनाकर उन्हें चोरी करते थे और फिर दूसरे राज्यों में बेच देते थे।
अब तक की जांच में यह भी सामने आया है कि कुछ बच्चों को भीख मंगवाने, पॉकेटमारी और चोरी जैसे अपराधों में लगाया गया, जबकि कई बच्चियों से देह व्यापार कराया गया। पुलिस को आशंका है कि इस गिरोह का संबंध मानव अंगों के अवैध व्यापार से भी हो सकता है, जिसकी जांच जारी है।
🧒 किन जिलों से बरामद हुए बच्चे
बरामद किए गए 12 बच्चों को रांची, बोकारो, धनबाद और चाईबासा से चोरी किया गया था। फिलहाल सभी बच्चों को धुर्वा थाना लाया गया है, जहां उनकी सुरक्षा और देखभाल की जा रही है। पुलिस अब उनके परिजनों की पहचान में जुटी हुई है।
🧬 DNA टेस्ट से होगी पहचान
एसएसपी ने बताया कि कई लोग बरामद बच्चों को अपना बता रहे थे, जिस कारण डीएनए टेस्ट कराने का फैसला लिया गया है। पुलिस के अनुसार गिरोह छोटे बच्चों का आधार कार्ड बनवाकर उन्हें कानूनी रूप से अपना दिखाता था और बाद में उन्हें दोबारा बेच देता था।
🔗 आगे भी होगी कार्रवाई
रांची पुलिस का कहना है कि गिरोह से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश के लिए स्पेशल टीम बनाई गई है। जल्द ही और गिरफ्तारियां हो सकती हैं, साथ ही लापता बच्चों को भी सुरक्षित बरामद किया जाएगा।
यह कार्रवाई न सिर्फ रांची बल्कि पूरे झारखंड में सक्रिय मानव तस्करी नेटवर्क के खिलाफ एक बड़ी पुलिसीय सफलता मानी जा रही है।
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