लातेहार | कोलियरी
लातेहार जिले में कोलियरी क्षेत्रों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस ने समय रहते कार्रवाई करते हुए राहुल सिंह गिरोह से जुड़े दो सक्रिय अपराधियों को हथियारों के साथ गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस का दावा है कि ये दोनों अपराधी तुबेद कोलियरी में दहशत फैलाने और बड़ी आपराधिक घटना को अंजाम देने की तैयारी में थे। गिरफ्तारी के बाद कोलियरी क्षेत्र में संभावित हिंसक वारदात टल गई।
🚨 गुप्त सूचना पर त्वरित पुलिस एक्शन
पुलिस सूत्रों के अनुसार, लातेहार के पुलिस अधीक्षक कुमार गौरव को गुप्त सूचना मिली थी कि राहुल सिंह गिरोह के कुछ सदस्य सदर थाना क्षेत्र के कैमा गांव के आसपास जमा हो रहे हैं और कोलियरी इलाके में किसी बड़ी घटना को अंजाम देने की योजना बना रहे हैं।
सूचना की गंभीरता को देखते हुए एसपी के निर्देश पर सब इंस्पेक्टर विक्रांत उपाध्याय, राजा दिलावर और राहुल सिन्हा के नेतृत्व में एक विशेष पुलिस टीम गठित की गई।
🏃 भागने की कोशिश, लेकिन दबोचे गए अपराधी
पुलिस टीम ने चिन्हित स्थान पर छापेमारी अभियान चलाया। जैसे ही पुलिस मौके पर पहुंची, वहां मौजूद दो युवक पुलिस को देखकर भागने लगे। हालांकि, पुलिस टीम ने तत्परता दिखाते हुए पीछा कर दोनों को धर दबोचा।

गिरफ्तार अपराधियों की पहचान दीपक उरांव और अनिल उरांव, दोनों सदर थाना क्षेत्र के निवासी, के रूप में हुई है। तलाशी के दौरान पुलिस ने उनके पास से तीन पिस्टल, 10 जिंदा गोलियां और अन्य आपत्तिजनक सामग्री बरामद की।
🔫 कोलियरी में वारदात की तैयारी की बात कबूली
पुलिस पूछताछ में दोनों आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे तुबेद कोलियरी के पास आपराधिक घटना को अंजाम देने के उद्देश्य से पहुंचे थे। पूछताछ में यह भी सामने आया कि वे कुख्यात राहुल सिंह गिरोह के लिए काम करते हैं और गिरोह के इशारे पर ही गतिविधियां संचालित कर रहे थे।
पुलिस का मानना है कि अगर समय रहते कार्रवाई नहीं होती, तो कोलियरी क्षेत्र में फायरिंग या रंगदारी जैसी बड़ी घटना हो सकती थी।
📢 एक माह पहले भी हुई थी कोलियरी में फायरिंग
इस पूरे मामले को लेकर डीएसपी अरविंद कुमार और पुलिस इंस्पेक्टर प्रमोद कुमार सिन्हा ने संयुक्त रूप से प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जानकारी दी। डीएसपी ने बताया कि गिरफ्तार दोनों अपराधी एक माह पहले तुबेद कोलियरी में हुई फायरिंग की घटना में भी शामिल थे।
उन्होंने बताया कि यह गिरोह कोलियरी क्षेत्र में दहशत फैलाकर ठेकेदारों और प्रबंधन पर दबाव बनाने की कोशिश करता रहा है।
🧾 लंबा आपराधिक इतिहास, जमानत पर छूटकर फिर सक्रिय
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी दीपक उरांव हाल ही में जमानत पर जेल से बाहर आया था। उसके खिलाफ पहले से सात आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें फायरिंग, रंगदारी और आर्म्स एक्ट के मामले शामिल हैं।
वहीं अनिल उरांव भी लंबे समय से अपराध की दुनिया में सक्रिय रहा है और उस पर भी गंभीर आरोप दर्ज हैं। पुलिस का कहना है कि दोनों आरोपियों ने पूछताछ में अपने अपराध स्वीकार किए हैं।
⚠️ कोलियरी क्षेत्रों में सुरक्षा बनी चुनौती
विशेषज्ञों का मानना है कि झारखंड के कोलियरी और खनन क्षेत्र लंबे समय से अपराधियों और संगठित गिरोहों के निशाने पर रहे हैं। रंगदारी, फायरिंग और धमकी जैसी घटनाओं के जरिए गिरोह आर्थिक लाभ उठाने की कोशिश करते हैं।
हाल के महीनों में लातेहार पुलिस द्वारा लगातार की गई कार्रवाइयों से इन गिरोहों पर दबाव जरूर बढ़ा है।
👮♂️ पुलिस का सख्त संदेश
पुलिस अधिकारियों ने साफ कहा है कि कोलियरी क्षेत्र में कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों की तलाश की जा रही है और आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां संभव हैं।
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