गिरिडीह | धनवार
गिरिडीह जिले से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। भारतीय सेना में कार्यरत रिलीजियस टीचर जूनियर कमीशंड ऑफिसर (RT-JCO) अनिल कुमार पांडेय की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई। यह हादसा धनवार-सरिया मुख्य मार्ग पर बरजो स्थित पावर हाउस के पास हुआ, जहां दो बाइकों की आमने-सामने टक्कर में 56 वर्षीय अनिल पांडेय ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। हादसे की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया, वहीं पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई।
🚨 कैसे हुआ हादसा
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अनिल कुमार पांडेय अपने गांव श्रृंगारडीह से बाइक पर सवार होकर धनवार की ओर बैंक जाने के लिए निकले थे। जैसे ही वह बरजो पावर हाउस के पास पहुंचे, सामने से तेज रफ्तार में आ रही एक अन्य बाइक ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि अनिल पांडेय सड़क पर गिर पड़े और गंभीर चोट लगने के कारण उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया।

हादसे के बाद दूसरी बाइक का चालक मौके से फरार हो गया। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी।
👮♂️ पुलिस जांच में जुटी, आरोपी की तलाश
सूचना मिलते ही धनवार थाना प्रभारी पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर थाना लाया और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू की। पुलिस का कहना है कि फरार बाइक सवार की तलाश तेज कर दी गई है और आसपास के इलाकों के सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं।
प्राथमिक जांच में हादसे का कारण दूसरी बाइक की तेज रफ्तार और लापरवाही बताया जा रहा है, हालांकि पुलिस हर पहलू से मामले की जांच कर रही है।
एक दिन पहले ही छुट्टी पर आए थे घर
परिजनों ने बताया कि अनिल कुमार पांडेय जम्मू-कश्मीर में तैनात थे और एक दिन पहले ही छुट्टी लेकर गांव लौटे थे। परिवार के साथ कुछ समय बिताने के बाद उन्हें जल्द ही वापस ड्यूटी पर लौटना था, लेकिन उससे पहले ही यह हादसा हो गया।
सबसे दुखद पहलू यह है कि अनिल पांडेय की जल्द ही कर्नल पद पर पदोन्नति होने वाली थी। वर्षों की सेवा और समर्पण के बाद मिला यह सम्मान अब अधूरा रह गया।
👨👩👧👦 परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
अनिल कुमार पांडेय अपने पीछे दो पुत्र और एक अविवाहित पुत्री छोड़ गए हैं। परिजनों के अनुसार, एक पुत्र प्रशासनिक सेवा में बीडीओ पद पर कार्यरत हैं, जबकि दूसरा पुत्र इंजीनियर है। उनकी पुत्रवधू चिकित्सक हैं। परिवार का कहना है कि अनिल पांडेय पूरे गांव के लिए प्रेरणा थे और समाज में उनका विशेष सम्मान था।
उनके असामयिक निधन से न सिर्फ परिवार, बल्कि पूरा गांव गमगीन है।
🕯️ गांव और क्षेत्र में शोक की लहर
घटना की खबर फैलते ही गांव में मातम पसर गया। लोग लगातार उनके घर पहुंचकर शोक संवेदना व्यक्त कर रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि अनिल पांडेय सरल स्वभाव और अनुशासित जीवन के लिए जाने जाते थे। देश की सेवा करते हुए उन्होंने अपना पूरा जीवन सेना को समर्पित कर दिया।
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