गिरिडीह | गांडेय
झारखंड में साइबर अपराधियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए गिरिडीह पुलिस ने तेलखारी जंगल से दो शातिर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। Giridih Cyber Crime के इस मामले में आरोपी फर्जी गूगल पेज बनाकर नामी अस्पतालों में अपॉइंटमेंट बुकिंग का झांसा देते थे और फिर लोगों के बैंक खातों से रकम साफ कर देते थे। पुलिस की यह कार्रवाई गुप्त सूचना के आधार पर की गई।
🌳 तेलखारी जंगल में चल रहा था साइबर ठगी का खेल
मिली जानकारी के अनुसार गांडेय थाना क्षेत्र अंतर्गत कल गांव के समीप स्थित तेलखारी जंगल में कुछ युवकों द्वारा संदिग्ध गतिविधि किए जाने की सूचना पुलिस को मिली थी। इसके बाद गिरिडीह पुलिस की टीम ने छापेमारी कर दो युवकों को मौके से दबोच लिया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान साहिद अफरीदी (20 वर्ष) और मो. शमशाद अंसारी (19 वर्ष) के रूप में हुई है। दोनों भंडारकुंडा गांव, थाना गांडेय, जिला गिरिडीह के निवासी हैं।
📱 फर्जी गूगल पेज और APK फाइल से ठगी
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी फर्जी गूगल पेज (Fake Google Page Scam) तैयार करते थे, जो देखने में बिल्कुल असली वेबसाइट जैसा लगता था। जब कोई व्यक्ति अस्पताल में ऑनलाइन अपॉइंटमेंट बुक करने के लिए उस पेज पर जाता, तो उसे एक लिंक भेजा जाता।

उस लिंक के जरिए पीड़ित के मोबाइल में फर्जी APK फाइल इंस्टॉल कराई जाती थी। यह फाइल मोबाइल की बैंकिंग और निजी जानकारी तक पहुंच बना लेती थी। इसके बाद आरोपी बैंक खातों से पैसे ट्रांसफर कर लेते थे।
💻 डिजिटल जाल में फंसाते थे मासूम लोग
साइबर अपराधियों का यह तरीका बेहद खतरनाक और तकनीकी रूप से उन्नत बताया जा रहा है। वे लोगों को यह विश्वास दिलाते थे कि वे किसी नामी अस्पताल की आधिकारिक वेबसाइट से बात कर रहे हैं।
एक बार मोबाइल में फर्जी ऐप इंस्टॉल होते ही आरोपी ओटीपी, बैंक डिटेल और अन्य संवेदनशील जानकारी हासिल कर लेते थे। कई लोग अपनी गाढ़ी कमाई गंवा चुके हैं।
🚔 चार मोबाइल और छह सिम कार्ड बरामद
छापेमारी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से चार मोबाइल फोन और छह सिम कार्ड बरामद किए हैं। इन मोबाइलों की जांच से और भी बड़े नेटवर्क का खुलासा हो सकता है।
इस मामले में साइबर थाना कांड संख्या 07/2026 दिनांक 01 मार्च 2026 को दर्ज किया गया है। पुलिस तकनीकी जांच के जरिए यह पता लगाने में जुटी है कि इस गिरोह के तार अन्य जिलों या राज्यों से जुड़े हैं या नहीं।
⚠️ एक आरोपी पहले भी जा चुका है जेल
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी मो. शमशाद अंसारी पहले भी साइबर ठगी के एक मामले में जेल जा चुका है। इससे साफ है कि यह गिरोह पहले से सक्रिय था और लगातार लोगों को निशाना बना रहा था।
👮 पुलिस की अपील
झारखंड पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें और किसी भी ऐप को इंस्टॉल करने से पहले उसकी सत्यता जरूर जांच लें।
यदि कोई व्यक्ति साइबर ठगी का शिकार होता है तो तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 पर संपर्क करें और नजदीकी साइबर थाना में शिकायत दर्ज कराएं।
📊 झारखंड में बढ़ रहे साइबर अपराध
हाल के वर्षों में झारखंड, खासकर गिरिडीह और जामताड़ा क्षेत्र, साइबर अपराध के लिए चर्चा में रहे हैं। हालांकि पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है, फिर भी अपराधी नए-नए तरीके अपनाकर लोगों को ठग रहे हैं।
Giridih Cyber Crime की यह ताजा घटना इस बात का संकेत है कि साइबर सुरक्षा को लेकर आम लोगों को अधिक सतर्क रहने की जरूरत है।
🔎 आगे की जांच जारी
पुलिस अब जब्त मोबाइल और सिम कार्ड की फॉरेंसिक जांच कर रही है। संभावना है कि इस नेटवर्क में और भी लोग शामिल हो सकते हैं। आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
📢 JharkhandBuzz Crime Update
गिरिडीह पुलिस का दावा है कि साइबर अपराधियों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। तेलखारी जंगल से पकड़े गए दोनों आरोपियों से पूछताछ में कई अहम सुराग मिले हैं। जल्द ही पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश हो सकता है।
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